
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को एक नया आर्थिक सुधार पैकेज लॉन्च करने की घोषणा की है। यह पैकेज अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार सृजन करने और किसानों की आय दोगुनी करने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुधार पैकेज में कर कटौती, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा और स्टार्टअप इंडिया के लिए नई योजनाएं शामिल हैं।
इस आर्थिक सुधार पैकेज के तहत 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रामीण विकास पर खर्च होगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘यह पैकेज भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।’ विपक्ष ने हालांकि इसे अपर्याप्त बताया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में जीडीपी ग्रोथ 8% बढ़ने की उम्मीद है। निवेशक इस घोषणा से उत्साहित हैं और शेयर बाजार में उछाल देखा गया। यह आर्थिक सुधार पैकेज 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक बड़ा दांव माना जा रहा है।
क्या यह पैकेज वाकई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगा? जानकारों की राय बंटी हुई है। एक ओर जहां उद्योगपति इसे स्वागतयोग्य बता रहे हैं, वहीं अर्थशास्त्री मुद्रास्फीति और बेरोजगारी पर चिंता जता रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखेगा।