
नीम का कड़वा स्वाद भले ही मुंह चिढ़ाए, लेकिन इसके पत्तों का रस स्वास्थ्य के लिए अमृत समान है। आयुर्वेद में इसे रक्त शोधक और रोगनाशक कहा गया है। ताजा पत्तियों से निकाला गया यह रस पेट खाली करके पीने से शरीर की अंदरूनी सफाई करता है।
त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे मुंहासे, एक्जिमा और फंगल इंफेक्शन में यह रामबाण है। इसके जीवाणुरोधी गुण बैक्टीरिया को जड़ से खत्म करते हैं। मधुमेह रोगियों के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक, जो कई अध्ययनों से सिद्ध है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज दूर करता है और लीवर को स्वस्थ रखता है।
महिलाओं में पीसीओएस और अनियमित मासिक धर्म में लाभदायक, जबकि पुरुषों के लिए प्रोस्टेट स्वास्थ्य बेहतर करता है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी करता है। बालों की जड़ें मजबूत कर झड़ना रोकता है।
सावधानी बरतें: अधिक सेवन से उल्टी या लीवर पर असर पड़ सकता है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे न लें। दवा ले रहे लोग डॉक्टर से सलाह लें। आधा चम्मच पानी में मिलाकर शुरू करें। शहद डालकर स्वाद सुधारें।
नीम रस को जीवनशैली में अपनाकर प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहें। संतुलित मात्रा ही चमत्कार लाएगी।