
भारतीय रसोई का एक ऐसा मसाला जो न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत को भी मजबूत बनाता है, वह है हींग। इसकी तेज गंध भले ही पहली नजर में अजीब लगे, लेकिन तलते ही यह अद्भुत सुगंध छोड़ देती है। आयुर्वेद में इसे औषधि माना गया है जो पाचन तंत्र को सुधारने से लेकर मोटापा कम करने तक अनेक लाभ प्रदान करती है।
ईरान-अफगानिस्तान के शुष्क इलाकों से प्राप्त होने वाली हींग फेरुला प्लांट की जड़ से निकाली जाती है। सूखने पर यह पीली क्रिस्टल बन जाती है। रसोई में तड़के के लिए इसका उपयोग अपरिहार्य है।
पाचन के लिए हींग रामबाण है। यह आंतों की मांसपेशियों को शिथिल करती है, गैस, ब्लोटिंग और कब्ज से मुक्ति दिलाती है। इसमें मौजूद कूमारिन पदार्थ पाचक रसों को सक्रिय करते हैं। IBS और अपच के मरीजों के लिए यह वरदान है।
वजन घटाने में भी हींग सहायक है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है, भूख को काबू में रखती है। चयापचय बढ़ाकर वसा जमा होने से रोकती है। गुनगुने पानी या छाछ में मिलाकर पीने से डिटॉक्स होता है।
श्वसन संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी, हींग बलगम निकालने में मदद करती है। महिलाओं को मासिक धर्म दर्द में आराम देती है। एंटीऑक्सीडेंट गुण कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव करते हैं।
उपयोग सरल है- थोड़ी सी हींग को घी में भूनें। अचार, दाल, सब्जी सबमें डालें। शुद्ध हींग चुनें और सीमित मात्रा में लें। हींग के साथ स्वाद और सेहत दोनों का साथ निभता रहे।