
भारतीय निशानेबाजी के उभरते सितारे अंगद वीर सिंह बाजवा ने बड़ा फैसला ले लिया है। वह अब कनाडा का प्रतिनिधित्व करेंगे। पंजाब के इस युवा निशानेबाज ने कहा कि बेहतर सुविधाओं और समर्थन की तलाश में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
अंगद ने जालंधर के साधारण मैदानों से शुरुआत की। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कई पदक जीते, एशियाई जूनियर में भी चमके। लेकिन घरेलू स्तर पर फंडिंग की कमी, पुरानी रेंज और प्रशासनिक अड़चनों ने उन्हें निराश किया। ‘कनाडा में विश्वस्तरीय कोचिंग और ओलंपिक रास्ता साफ है,’ उन्होंने बताया।
यह फैसला तब आया जब भारत ने पेरिस ओलंपिक में निशानेबाजी से कई पदक जीते। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारतीय खेल प्रणाली की कमियों को उजागर करता है। एनआरएआई ने नुकसान की बात कही, लेकिन शुभकामनाएं दीं।
टोरंटो में ट्रेनिंग कर रहे अंगद 2025 विश्व कप में कनाडा के लिए पहली बार उतर सकते हैं। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है- क्या यह देशद्रोह है या महत्वाकांक्षा?
अंगद की कहानी भारतीय खेलों के लिए सबक है। सुविधाओं में सुधार हो तो ऐसे टैलेंट घर पर ही रहें। उम्मीद है, यह फैसला बदलाव लाएगा। बाजवा की सफलता दूर से ही सही, प्रेरणा देगी।