
बर्मिंघम में आयोजित ब्रिटिश जूनियर ओपन स्क्वैश चैंपियनशिप के गर्ल्स अंडर-17 फाइनल में भारत की उभरती सितारा अनाहत सिंह मिस्र की अमिना ओर्फी से पांच गेमों की कड़ी भिड़ंत में हार गईं। 16 वर्षीय मुंबई की इस प्रतिभा ने खिताबी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम गेम में चूक गईं।
टूर्नामेंट की टॉप सीड अनाहत ने पूरे सप्ताह शानदार फॉर्म दिखाया। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उन्होंने एक भी गेम नहीं हारा। इंग्लैंड की सारा जेन रेन को सेमी में 11-6, 11-8, 11-5 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। उनके ड्रॉप शॉट्स और कोर्ट कवरेज ने सभी को प्रभावित किया।
फाइनल में पहला गेम अनाहत ने 11-9 से जीता। ओर्फी ने दूसरा 11-7 से बराबरी कर ली। तीसरा गेम ड्यूस तक गया, जहां अनाहत 12-10 से आगे हुईं। चौथा गेम थकान के कारण 11-5 से गंवा दिया। निर्णायक गेम 10-10 से बराबर होने के बाद ओर्फी ने 12-10 से जीत दर्ज की।
यह अनाहत का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 2023 में कांस्य जीतने वाली वे पहली भारतीय लड़की हैं जो फाइनल तक पहुंचीं। कोच साइरस पोंचा ने कहा, ‘यह हार उन्हें और मजबूत बनाएगी।’ आगामी एशियन जूनियर चैंपियनशिप में वे स्वर्ण के दावेदार बनी रहेंगी। भारतीय स्क्वैश में नई उम्मीदें जगाईं अनाहत ने।