
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर वैश्विक बाजारों में जो शोर-शराबा मचा था, वह अब थम रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारत की ओर फिर से रुख कर सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों में एआई की होड़ ने अमेरिकी टेक कंपनियों में अरबों डॉलर का निवेश खींच लिया था। इसी दौरान भारतीय शेयर बाजारों से भारी पूंजी बाहर चली गई। लेकिन अब जब एआई का उत्साह ठंडा पड़ रहा है और अमेरिकी बाजार थकान के संकेत दे रहे हैं, तो भारत फिर आकर्षक लगने लगा है।
विश्लेषकों का कहना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, स्थिर नीतियां और आकर्षक मूल्यांकन इसे निवेश के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई बुलबुले के फूटने से उभरते बाजारों को फायदा होगा, जिसमें भारत सबसे ऊपर है।
बैंकिंग, आईटी और उपभोक्ता क्षेत्र इस प्रवाह से सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। हालिया आंकड़ों में एफआईआई के छोटे-मोटे निवेश दिखाई दे रहे हैं, जो लंबे समय के बाद सकारात्मक संकेत है।
हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम और वैश्विक ब्याज दरें अभी भी बाधा बन सकती हैं, लेकिन रिपोर्ट अगले साल की शुरुआत तक बड़े निवेश की भविष्यवाणी करती है। भारतीय निवेशकों के लिए यह नया उत्साह का दौर हो सकता है।