
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुलासा किया कि देश में मान्यता प्राप्त दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 50 प्रतिशत टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। यह आंकड़ा मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरू जैसे महानगरों के बाहर उद्यमिता के प्रसार को दर्शाता है।
हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सिंह ने स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं का श्रेय दिया। ‘इंदौर से लेकर भुवनेश्वर तक, छोटे शहर नवाचार के केंद्र बन रहे हैं,’ उन्होंने कहा। सरलीकृत नियम, फंडिंग पहुंच और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस उछाल को संभव बनाया।
डीपीआईआईटी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य आगे हैं। जयपुर, लखनऊ और कोयंबटूर जैसे शहर फिनटेक, एग्रीटेक और एडटेक में योगदान दे रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास हो रहा है।
हालांकि, बुनियादी ढांचे की कमी और फंडिंग चुनौतियां बाकी हैं। सरकार अटल इनोवेशन मिशन और फंड ऑफ फंड्स से इन्हें दूर करने को प्रतिबद्ध है। सिंह ने कहा, ‘भारतीय स्टार्टअप्स का भविष्य समावेशी है।’