
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देशभर के हर गांव में जून तक 4जी नेटवर्क पहुंचाने का भरोसा दिलाया है। यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य ग्रामीण भारत को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में सिंधिया ने बताया कि भारतनेट परियोजना और अन्य टेलीकॉम पहलों के तहत तेजी से प्रगति हो रही है। ‘डिजिटल क्रांति में कोई गांव पीछे नहीं रहेगा,’ उन्होंने कहा। दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावर लगाने और फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने का काम जोरों पर है।
इंटरनेट की उपलब्धता आज शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों के लिए अनिवार्य हो गई है। किसान वास्तविक समय में बाजार भाव जान सकेंगे, छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ले सकेंगे और छोटे व्यवसाय नए बाजार तलाश सकेंगे। सिंधिया ने जोर देकर कहा कि 4जी ग्रामीण कृषि, ई-गवर्नेंस और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देगा।
केंद्र सरकार, राज्य प्रशासन और निजी टेलीकॉम कंपनियों के संयुक्त प्रयासों से यह संभव हो रहा है। पिछले एक साल में भारी निवेश हुआ है, खासकर आकांक्षी जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। आंकड़ों के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध है।
बिजली आपूर्ति और भूमि अधिकार जैसी चुनौतियों का समाधान सोलर टावर और तेज मंजूरी प्रक्रिया से किया जा रहा। जून की समयसीमा पूरा करने के लिए केंद्रीय स्तर पर निगरानी हो रही है।
डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल अपनापन बढ़ेगा, उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और जीवन स्तर सुधरेगा। हर गांव में 4जी के साथ समावेशी विकास का नया दौर शुरू होगा।