
भारतीय शेयर बाजार 2026 में ‘गोल्डीलॉक्स’ जैसा आदर्श साल देखने को मिल सकता है, जहां न तो ज्यादा गर्मी होगी और न ही ज्यादा ठंडक। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख सूचकांकों पर लगभग 11 प्रतिशतのリターン की उम्मीद है। यह अनुमान अर्थव्यवस्था की मजबूत वृद्धि, नियंत्रित मुद्रास्फीति और समर्थनकारी नीतिगत वातावरण पर आधारित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से ऊपर बनी रहेगी। कॉर्पोरेट आय 2025 के बाद तेजी से उछाल मारेंगी, जिसमें बैंकिंग, आईटी और उपभोक्ता सामग्री क्षेत्र अग्रणी होंगे। वैश्विक ब्याज दरों में नरमी और स्थिर रुपया बाजार के लिए सहायक कारक साबित होंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशक लौटेंगे और घरेलू म्यूचुअल फंड प्रवाह बढ़ेगा। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उछाल जोखिम पैदा कर सकते हैं। आरबीआई की दरों में धीमी कटौती से तरलता बनी रहेगी।
निवेशकों को मजबूत बैलेंस शीट वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। 2026 बाजार के लिए सुनहरे अवसर लेकर आ रहा है।