
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में करीब 10 हजार विशिष्ट मेहमान शिरकत करेंगे। इनमें गगनयान-चंद्रयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशनों के वैज्ञानिक, गहन समुद्री अनुसंधानकर्ता, समस्थानिक विशेषज्ञ, अटल टिंकरिंग लैब्स के होनहार छात्र, प्रगतिशील किसान और ‘मन की बात’ के श्रोता-प्रतिभागी प्रमुख हैं।
देश के कोने-कोने से चुने गए ये अतिथि रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, खेल, कृषि, विज्ञान, सामाजिक उत्थान व राष्ट्र निर्माण में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं। यह प्रयास आम नागरिकों को सम्मान प्रदान कर राष्ट्रीय समारोहों में जनभागीदारी को मजबूत बनाने का सराहनीय कदम है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसमें विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियन, प्राकृतिक खेती के प्रणेता, दाल-तिलहन-मक्का उत्पादन में शीर्ष किसान, पीएम स्माइल से पुनर्वासित ट्रांसजेंडर व भिक्षुक, धरती आबा जनजातीय अभियान लाभार्थी, ग्रामीण पशुपालन सेवक, हरित हाइड्रोजन मिशन कंपनियां, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं।
महिला उत्पादक समूह, स्वयंसहायता समूह, लखपति दीदी, खादी व पीएम विश्वकर्मा कारीगर, सेमीकॉनडक्टर स्टार्टअप्स, असंगठित श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, बीआरओ मजदूर, जल जीवन मिशन, पीएम आवास-फसल बीमा लाभार्थी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आपदा स्वयंसेवक, पूर्वोत्तर कलाकार-खिलाड़ी-उद्यमी-जनजाति, वीर गाथा विजेता, संतृप्त पंचायत सरपंच, बौद्ध शिखर सम्मेलन प्रतिनिधि भी होंगे।
यूथ एक्सचेंज, खगोल ओलंपियाड पदक विजेता, बौद्धिक संपदा धारक अतिथि बनेंगे। इन्हें प्रमुख सीटें, स्मारकों का भ्रमण व मंत्रियों से भेंट का अवसर मिलेगा। यह कदम गणतंत्र दिवस को जनोन्मुखी व प्रेरक बनाता है।