
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले की प्रमुख जनजातीय संस्था ज़ोमी काउंसिल ने केंद्र सरकार से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर हुए घातक हमले की सीबीआई जांच को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है। लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन न्याय की कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जिससे जनजातीय समुदाय में आक्रोश बढ़ रहा है।
काउंसिल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिला प्रशासन के जरिए एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि 21 फरवरी को गुरुग्राम के अस्पताल में वाल्टे की मृत्यु के बाद भी जांच में कोई गति नहीं आई। वाल्टे थानलोन विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे और ज़ोमी, कुकी, मिजो व हमर जनजातियों की मजबूत प्रतिनिधि थे।
अध्यक्ष वुम्सुआन नाउलक और महासचिव पाउनेहलाल के हस्ताक्षरित ज्ञापन में देरी को राजनीतिक उपेक्षा करार दिया गया है। यह पहाड़ी जनजातियों के हाशिए पर धकेलने का संकेत देता है। काउंसिल ने ज़ो जनजातियों की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवैधानिक कदम उठाने की भी मांग की।
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने मंगलवार को चुराचांदपुर में वाल्टे के निवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने दिल्ली में अंतिम सम्मान दिया।
4 मई 2023 को इंफाल में जातीय हिंसा के दौरान हमला हुआ, जब वाल्टे तत्कालीन सीएम एन. बीरेन सिंह की बैठक से लौट रहे थे। उन्हें गंभीर चोटें आईं, आंशिक लकवा हुआ और चालक की मौत हो गई। 8 फरवरी को इंफाल से एयरलिफ्ट कर दिल्ली ले जाया गया, जहां 21 फरवरी को निधन हुआ।
मणिपुर की नाजुक शांति के बीच यह मांग जनजातीय एकजुटता को मजबूत कर रही है। केंद्र को अब कार्रवाई कर विश्वास बहाल करने का मौका है।