
आंध्र प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू को गुंटूर की अदालत ने एक नए मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह आदेश 22 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। रामबाबू पहले से ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में जेल में हैं।
राजमुंद्री सेंट्रल जेल से लाए गए रामबाबू को सोमवार को गुंटूर के विशेष मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। नवंबर 2024 में दर्ज इस मामले में पुलिसकर्मियों को धमकाने और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप हैं। अदालत ने हिरासत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, 12 नवंबर 2024 को बिना अनुमति रैली आयोजित करने, अवैध सभा करने और पुलिसवालों को धमकाने पर पट्टाभीपुरम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। रैली से ट्रैफिक जाम और जनता को परेशानी हुई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को रोकने पर धमकियां दीं। रामबाबू पर वाईएसआरसीपी के पिछले आंदोलनों में भी ऐसे आरोप पहले लग चुके हैं। जनवरी 2025 में नायडू के खिलाफ बयान पर गिरफ्तारी हुई, जिसमें टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर तोड़फोड़ की।
बीएनएस की धारा 126(2), 132, 196(1), 352, 351(2), 292 और 3(5) के तहत अतिरिक्त आरोप। वाईएसआरसीपी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। रामबाबू की हिरासत से पार्टी की रणनीति पर असर पड़ सकता है। आगामी सुनवाईयां निर्णायक होंगी।