
प्रख्यात राजनेता रक्षा खडसे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए युवाओं के विचारों का समावेश अनिवार्य है। एक युवा सशक्तिकरण सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की युवा शक्ति ही हमें वैश्विक पटल पर अग्रणी बनाएगी।
भारत की युवा आबादी को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए खडसे ने कहा, ‘युवा न केवल भविष्य हैं, बल्कि वर्तमान की गति भी प्रदान करते हैं।’ उन्होंने सरकारी योजनाओं में युवा परिषदों की स्थापना और उनके सुझावों को नीतियों में शामिल करने की वकालत की।
कार्यक्रम में छात्रों और युवा उद्यमियों ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर नवीन विचार प्रस्तुत किए। खडसे ने इन विचारों को विधायी मंचों तक पहुंचाने का वचन दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवा सहभागिता से समावेशी विकास संभव है। दक्षिण कोरिया जैसे देशों के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक महाशक्ति बनेगा यदि युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
खडसे का यह संदेश युवा-नेतृत्व वाले भारत की नींव रखता है, जो आर्थिक उन्नति के साथ सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित करेगा।