
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैम्पियरगंज में प्रस्तावित वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री को नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी बताया है। जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय के उद्घाटन के बाद संबोधन में उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवाओं को देश-विदेश में व्यापक रोजगार के द्वार खुलेंगे। साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने में भी यह महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में कृतज्ञता सर्वोपरि है। रामायण के महानायक जटायु ने रावण का प्रतिकार किया था और विष्णु जी की सवारी हैं। रसायनों के दुष्प्रभाव से इनकी संख्या घट रही है, इसलिए संरक्षण केंद्र आवश्यक है।
पर्यावरण प्रदूषण को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए योगी ने दिल्ली के उदाहरण से आगाह किया। उत्तर प्रदेश में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। 2017 के बाद गोरखपुर में उर्वरक कारखाना, एम्स, बीआरडी कॉलेज, चीनी मिल, बायोगैस प्लांट और जीईडा में उद्योगों की भरमार हो गई है।
बाईपास, फोरलेन सड़कें, बाढ़ नियंत्रण, डिग्री कॉलेज, स्टेडियम जैसी सुविधाओं से क्षेत्र चमक उठा है। गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचा। योगी ने हर गांव से जुड़ाव का उल्लेख किया और पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामपति यादव को याद किया। वर्तमान प्रमुख बृजेश यादव की सराहना की।
महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए उन्होंने विकास की हर मांग पूरी करने का भरोसा दिया। विधायक फतेह बहादुर सिंह ने योगी के नेतृत्व की तारीफ की और एशिया की सबसे बड़ी वानिकी यूनिवर्सिटी के शिलान्यास की बात कही।