
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने全省वासियों को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दिन जीवन में नव उत्साह और उमंग का संचार हो। मौन का पालन कर आत्मचिंतन से मन की शुद्धि और नई ऊर्जा प्राप्त होती है।
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में जाना जाता है। इस दिन भक्तगण मौन व्रत रखते हैं, गंगा स्नान करते हैं तथा दान-पुण्य के कार्यों में लिप्त रहते हैं। सीएम योगी ने इसकी आध्यात्मिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि मौन से प्राप्त शांति जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति का आधार बनती है।
उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन चुका है। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या राम मंदिर जैसी परियोजनाएं इसकी गवाही देती हैं। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु एकत्र हुए। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा सुविधाओं का पूर्ण प्रबंध किया।
योगी आदित्यनाथ का यह संदेश केवल बधाई नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव का आह्वान है। आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में मौन का महत्व समझना आवश्यक है। यह दिन न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक भी है। प्रदेश की प्रगति में आध्यात्मिकता का योगदान सराहनीय है।
मुख्यमंत्री के शब्दों से प्रेरित होकर लोग अब अधिक संकल्पबद्ध दिख रहे हैं। मौनी अमावस्या ने साबित कर दिया कि शांति और उत्साह का संतुलन ही सच्ची प्रगति का मार्ग है।