उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रभावशाली संबोधन में कहा कि केवल संवेदनशील सरकार ही संकट की घड़ी में जनता की ढाल बन सकती है। हाल ही में आयोजित एक समारोह में उन्होंने उन नायकों को सम्मानित करने की पहल की, जिन्हें過去 में भुला दिया गया था।

योगी ने बताया कि उनकी सरकार ने आपदाओं, महामारी और अन्य चुनौतियों के दौरान त्वरित और संवेदनशील कदम उठाए हैं। पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीनता के विपरीत, अब नायकों की पहचान और सम्मान सुनिश्चित किया जा रहा है।
स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं से लेकर हाल की बाढ़ और कोविड योद्धाओं तक, सभी को पदक, पेंशन और सार्वजनिक श्रद्धांजलि दी जा रही है। एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं से जोड़ते हुए कहा कि संवेदनशीलता ही मजबूत प्रशासन की कुंजी है। जलवायु परिवर्तन, बेरोजगारी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए नई तैयारियां की जा रही हैं।
यह पहल न केवल अतीत को पुनर्स्थापित कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा दे रही है। योगी सरकार का यह मॉडल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है, जहां हर संकट में सरकार जनता के साथ खड़ी दिखे।
समारोह का समापन नायकों को सलाम के साथ हुआ, जो संवेदनशील शासन की नई इबारत लिख रहा है।
