
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि पट्टा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लखनऊ में उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि रुपया लेकर पट्टा देने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गरीब किसानों और भूमिहीनों को सरकारी जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर दलालों और अधिकारियों द्वारा लाखों रुपये वसूली की शिकायतें बढ़ रही हैं। यह कुप्रथा वास्तविक लाभार्थियों को उनके हक से वंचित कर रही है। सीएम ने जिला मजिस्ट्रेटों और राजस्व अधिकारियों को सभी मामलों की जांच तेज करने और तत्काल कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।
योगी सरकार पारदर्शी पट्टा वितरण पर जोर दे रही है। प्रत्येक तहसील में निगरानी दलों का गठन होगा, जो आवेदनों की जांच करेंगे। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक मुकदमे दर्ज होंगे। प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।
यह अभियान भूमि माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। अधिकारियों को 15 दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। इससे लाखों पात्र लोगों को पट्टा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। योगी जी का संकल्प है- गरीबों का हक, किसी का तगड़ा नहीं।