
लखनऊ की विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व आर्थिक प्रगति का जीवंत चित्रण किया। राजस्व अनुशासन, किसानों की आय में वृद्धि और कृषि में तकनीकी क्रांति को उन्होंने सरकार की मुख्य उपलब्धियां बताया।
बिना किसी नए कर के टैक्स चोरी रोकी गई और संतुलित विकास मॉडल अपनाया गया। 2017 में 13 लाख करोड़ की जीएसडीपी 36 लाख करोड़ हो चुकी है। महज साढ़े आठ वर्षों में 23 लाख करोड़ का इजाफा हुआ, जो 70 वर्षों की यात्रा को पार करने जैसा है। देश में यूपी का आर्थिक हिस्सा 8 से बढ़कर 9.5 प्रतिशत हो गया। प्रति व्यक्ति आय तिगुनी बिना बोझ डाले।
पांच साल से राजस्व अधिशेष राज्य। बैंक जमा का उपयोग 43 पैसे से 62 पैसे प्रति रुपया। युवाओं-व्यापारियों तक पहुंच। विपक्ष की किसान चर्चा को खोखला बताते हुए ऐतिहासिक शोषण का जिक्र। भारत का स्वर्णिम अतीत लूटा गया, पुरानी सरकारें वही रवैया।
मोदी जी के नेतृत्व में किसान-कारीगर मजबूत। गांव आत्मनिर्भर। कृषि नीति स्पष्ट, लागत घटी, उत्पादन बढ़ा। विकास दर 18.5 प्रतिशत। एमएसपी पारदर्शी, डीबीटी से सीधा लाभ। 11 प्रतिशत भूमि पर 21 प्रतिशत अनाज। पीएम किसान से 95 हजार करोड़।
उन्नत बीज, ड्रोन दीदी, एफपीओ, स्टार्टअप से मूल्य वर्धन। गोआश्रयों में 16 लाख गोवंश, डेयरी में नंबर वन। गन्ना भुगतान 3.06 लाख करोड़। 31 सिंचाई परियोजनाएं, सोलर पंप, नई यूनिवर्सिटी। एआई प्लेटफॉर्म, महिलाएं आगे।