
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मंगलवार सुबह एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोशाला में गोवंश की सेवा में लीन हो गए। जनता दर्शन और पूजन के बाद वे गोशाला पहुंचे और नाम लेकर गायों को पुकारा, उन्हें दुलाराया तथा गुड़-रोटी खिलाई।
मुख्यमंत्री का दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन किया और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखनाथ मंदिर आने पर गोसेवा उनकी प्राथमिकता बनी रहती है, जो उनकी आध्यात्मिक जड़ों को दर्शाती है।
गोशाला में श्यामा, गौरी, गंगा, भोला आदि नामों से पुकारते ही गोवंश उनके पास उछलते-कूदते आए। योगी ने उनके माथे पर स्नेहपूर्ण हाथ फेरा, दुलार किया और हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। भोला नामक विशाल नंदी को विशेष ध्यान दिया—शरीर की धूल साफ की और कार्यकर्ताओं को सूखे कपड़े से सफाई के निर्देश दिए।
मोर को भी रोटी खिलाकर उन्होंने सभी प्राणियों के प्रति प्रेम दिखाया। यह गोसेवा न केवल व्यक्तिगत भक्ति है, बल्कि प्रदेश की गोवंश संरक्षण नीतियों का प्रतीक भी। योगी सरकार द्वारा गोशालाओं का विस्तार और देखभाल पर जोर दिया जा रहा है, जो इस तरह के उदाहरणों से प्रेरित होता है।
ऐसे पल योगी के व्यक्तित्व को उजागर करते हैं—शासन और सेवा का अनूठा संगम। यह लाखों भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत है तथा गौमाता के प्रति सांस्कृतिक श्रद्धा को मजबूत करता है।