उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा की विकास यात्रा सत्ता की भूख पर नहीं, बल्कि गहरे संस्कारों पर टिकी हुई है। एक सभा में बोलते हुए उन्होंने पार्टी के शासन मॉडल को भारतीय परंपराओं से जोड़ते हुए विकास के नए आयामों का जिक्र किया।

योगी ने बताया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने दूरदराज के इलाकों को जोड़ा है। किसानों के लिए सिंचाई योजनाएं, बेरोजगार युवाओं के लिए स्किल सेंटर्स और गरीबों के लिए आवास योजनाएं संस्कारयुक्त शासन की मिसाल हैं। ‘सत्ता नहीं, संस्कारों की है हमारी यात्रा,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
आयोध्या में राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों से सांस्कृतिक पुनरुत्थान हुआ है। अपराध पर लगाम, निवेशकों का भरोसा और जीडीपी में उछाल ने उत्तर प्रदेश को विकास का नया केंद्र बनाया है। विपक्ष की सत्ता लिप्सा पर प्रहार करते हुए योगी ने कहा कि बिना संस्कारों के विकास अधूरा है।
भविष्य की योजनाओं में हरित ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप इकोसिस्टम शामिल हैं। योगी का यह संदेश भाजपा को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक बनाता है, जो आगामी चुनावों में गूंजेगा।
