
मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन, सूजन और दर्द महिलाओं की जिंदगी को मुश्किल बना देते हैं। नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर बेटियों की ताकत को सलाम करते हुए हम योग के इन आसानों से राहत के उपाय बता रहे हैं, जो प्राकृतिक रूप से परेशानी दूर करते हैं।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, ये आसन एंडोर्फिन हार्मोन बढ़ाते हैं, जो दर्द निवारक का काम करते हैं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियां ढीली पड़ती हैं और मूड स्विंग्स नियंत्रित रहते हैं। तेज व्यायाम से परहेज करें, केवल हल्के आसनों का चयन करें।
बालासन सबसे सरल है। घुटनों पर बैठकर आगे झुकें, माथा जमीन से लगाएं, हाथ फैलाएं। 1-2 मिनट रुकें—कमर-पेट की जकड़न दूर, मन शांत।
सुप्त बद्ध कोणासन में पीठ के बल लेटें, पैरों के तलवे जोड़ें, घुटने खोलें। 5-10 मिनट तक रहें—पेल्विक क्षेत्र में ब्लड फ्लो बढ़े, सूजन घटी।
अपानासन: घुटनों को छाती से लगाएं, हिलाएं—पेट की गैस, ऐंठन तुरंत कम।
मार्जरीआसन-बितिलासन: चारों ओर पीठ ऊपर-नीचे करें—रीढ़ लचीली, दर्द भागा, एनर्जी आई।
सुप्त मत्स्येंद्रासन: एक पैर मोड़कर दबाएं—दोनों साइड 30-60 सेकंड, मरोड़ दूर।
इन्हें दिनचर्या में अपनाएं। ज्यादा दर्द हो तो डॉक्टर से सलाह लें। योग से पीरियड्स के दिन सहज बनें।