
पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में चल रहे ध्वंस अभियान ने विवाद को नई ऊंचाई दे दी है। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता यासूब अब्बास ने खुलेआम आरोप लगाया है कि मस्जिदों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अब्बास ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘यह अतिक्रमण हटाओ अभियान का नाम है, लेकिन मस्जिदों पर हमला हो रहा है।’ स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई मस्जिदें चिह्नित की गई हैं और बिना पूर्व सूचना के तोड़फोड़ शुरू हो गई है।
यह इलाका 1976 के आपातकालीन ध्वंस का साक्षी रहा है, जब हजारों लोग बेघर हो गए थे। आज फिर वही दृश्य दोहराए जा रहे हैं। अधिकारी विकास और सुरक्षा के नाम पर कार्रवाई बता रहे हैं, लेकिन अब्बास का कहना है कि धार्मिक स्थलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
समुदाय के नेता न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब्बास ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से हस्तक्षेप की अपील की है। प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर #बचाओतुर्कमानगेटमस्जिद ट्रेंड कर रहा है।
नई दिल्ली जैसे शहर में विकास और सांस्कृतिक धरोहर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। यह विवाद भविष्य की नीतियों को प्रभावित कर सकता है।