
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुधवार को यादव समुदाय के लोगों ने आग उगलते हुए ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। पोस्टर जलाए गए, उन्हें पैरों तले कुचला गया और रिलीज रोकने की मांग तेज हो गई। यह विवाद ‘घूसखोर पंडत’ के बाद एक नया अध्याय जोड़ता है, जहां फिल्मों के नाम और कहानियां समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फिल्म का शीर्षक और प्लॉट यादव समाज को बदनाम करने की साजिश है। ‘हमारी संस्कृति और परंपराओं का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा,’ चिल्लाते हुए उन्होंने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया। संभल की सड़कें प्रदर्शन से गूंज उठीं और हालात तनावपूर्ण हो गए।
अंकित भड़ाना द्वारा निर्देशित यह रोमांटिक थ्रिलर 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है। इसमें प्रगति तिवारी ‘सिंपल यादव’ बनी हैं, जो एक सादी-सादी घरेलू लड़की की भूमिका निभा रही हैं। विशाल मोहन और वसीम अख्तर के किरदार के साथ उनकी लव स्टोरी बुनी गई है। लेकिन यही कहानी समुदाय को खटक रही है।
विरोध केवल संभल तक सीमित नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश में सिनेमा हॉल मालिकों को चेतावनी दी गई है और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। यह घटना बॉलीवुड के सामने साफ चुनौती रखती है कि कला की आजादी और सामाजिक संवेदनशीलता में संतुलन कैसे बनाया जाए।
प्रशासन सतर्क है और आगे की घटनाओं पर नजर रखे हुए है। क्या यह फिल्म रिलीज हो पाएगी या विरोध की भेंट चढ़ जाएगी, यह समय बताएगा।