
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदी भाषी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह भाषा हमारी विविधता को जोड़ने वाली कड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल उनके संदेश ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
केंद्रीय मंत्रियों और अन्य राजनेताओं ने भी हिंदी के वैश्विक प्रसार पर जोर दिया। 10 जनवरी को संयुक्त राष्ट्र में हिंदी के पहले प्रयोग की याद ताजा करते हुए सभी ने भाषा के साहित्यिक वैभव की सराहना की।
योगी जी ने हिंदी को शिक्षा, प्रौद्योगिकी और शासन में मजबूत करने के सरकारी प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक पटल पर हिंदी भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बने।
देशभर में कवि सम्मेलन, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। स्कूलों में निबंध प्रतियोगिताएं और ऑनलाइन अभियान ने उत्साह दोगुना कर दिया। नेताओं ने हिंदी को सशक्तिकरण का माध्यम बताया।
इस दिवस ने हिंदी की अटूट महत्वता को रेखांकित किया। राजनीतिक मंचों से सड़कों तक, भाषा को एकता, विरासत और भविष्य का प्रतीक माना गया। विश्व हिंदी दिवस 2024 ने हिंदी को राष्ट्र की धमनियों में बसा सिद्ध किया।