
महाराष्ट्र की राजनीति में महिलाओं का दबदबा बढ़ने वाला है। राज्य के 29 नगर निगमों में से 15 में अब महिला मेयर नेतृत्व करेंगी। शहरी विकास मंत्री माधुरी मिसाल की उपस्थिति में गुरुवार को मेयर पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली गई, जिसका आधिकारिक ऐलान हो गया।
देश के सबसे बड़े नगर निगम बीएमसी में ओपन कैटेगरी से महिला मेयर बनेगी। इसी तरह पुणे, नागपुर, नासिक, मीरा-भायंदर जैसी प्रमुख जगहों पर भी महिलाओं को कमान सौंपी गई। भाजपा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन सत्ता हासिल करना आसान नहीं। कई निगमों में सहयोगियों और निर्दलीयों का समर्थन जरूरी है।
महायुति गठबंधन में स्थानीय स्तर पर खींचतान जारी है। राज्य नेतृत्व ने सहमति न बनने पर गठबंधन विरोधी चुनाव लड़ने की छूट दी। आरक्षण में 17 ओपन, 8 ओबीसी, 3 एससी और 1 एसटी सीटें हैं।
ठाणे में एससी, कल्याण-डोंबिवली में एसटी पुरुष, नवी मुंबई में ओपन महिला, वसई-विरार ओपन, भिवंडी ओपन, उल्हासनगर ओबीसी, पिंपरी-चिंचवड़ ओपन, अहिल्यानगर ओबीसी महिला, अमरावती ओपन, लातूर एससी महिला जैसी व्यवस्था की गई। बीएमसी और पुणे में ओपन महिला आरक्षण से प्रमुख महिलाओं में जोरदार मुकाबला होगा।
कल्याण-डोंबिवली में एसटी आरक्षण ने गठबंधनों को चुनौती दी। नए चेहरों या रणनीतिक समर्थन की उम्मीद। यह बदलाव शहरी विकास में महिलाओं की भूमिका मजबूत करेगा, जो बुनियादी सुविधाओं पर फोकस करेंगी।