
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मुंबई मेट्रो ने एक अनूठी पहल शुरू की है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने एक्वा लाइन के दो महत्वपूर्ण स्टेशन मरोल नाका और सीएसएमटी पर संपूर्ण संचालन महिलाओं के हाथों में सौंप दिया। यह कदम महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
इन स्टेशनों पर 85 महिला कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में डटकर कार्यरत हैं। वे स्टेशन कंट्रोल से लेकर टिकट वितरण, यात्री सहायता, सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव सहायता और सफाई कार्य तक सभी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उनकी कुशलता से मुंबई की भीड़भाड़ वाली मेट्रो सेवाएं निर्बाध रूप से चल रही हैं।
स्टेशन ही नहीं, ट्रेनों के संचालन में भी महिलाओं का जलवा देखने को मिला। एमएमआरसी में 27 महिला ट्रेन ऑपरेटर एक्वा लाइन की ट्रेनें चला रही हैं, जो उनकी तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।
कुल 1,388 महिलाएं एमएमआरसी में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें प्रशासनिक स्टाफ से लेकर ऑपरेशनल और सहायक सेवाएं शामिल हैं। यह संख्या संस्था की समावेशी नीतियों को दर्शाती है।
यह पहल न केवल महिला दिवस को यादगार बनाती है, बल्कि समाज को संदेश देती है कि महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। शहरी परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए यह प्रेरणादायक कदम साबित होगा। आने वाले दिनों में अन्य संगठनों के लिए यह मिसाल बनेगी।