
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को वैश्विक महिला शिखर सम्मेलन में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को सतत विकास का आधार बताया।
दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने मजबूत बुनियादी ढांचे और सामाजिक व्यवस्था बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। डीएमके सरकार का एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना महिलाओं की निर्णायक भूमिका से ही साकार होगा, उन्होंने कहा।
“कोई समाज तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब उसकी आधी आबादी पिछड़ जाए,” स्टालिन ने जोर देकर कहा। आर्थिक विकास को समावेशी बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता में महिलाओं की राह के कांटे हटाने जरूरी हैं।
महिलाओं के लिए ‘कलैगनार मगलिर उरीमाई थिट्टम’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 1.3 करोड़ महिला मुखियाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये दिए जाते हैं। यह सामाजिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है।
तमिलनाडु में महिलाओं की कार्यबल भागीदारी देश में सर्वोच्च है। निवेशक कंपनियां सबसे पहले महिलाओं के लिए नौकरियों की संख्या पूछती हैं। निजी क्षेत्र द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षण का स्वागत किया स्टालिन ने।
द्रविड़ आंदोलन की जड़ों का हवाला देते हुए पेरियार के महिला मुक्ति के विचारों और करुणानिधि के सुधारों – समान उत्तराधिकार, पुलिस भर्ती व स्थानीय निकाय आरक्षण का उल्लेख किया।
यह संबोधन तमिलनाडु को लैंगिक समानता का मॉडल बनाता है, जहां महिलाएं विकास की धुरी हैं।