
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में महायुति की जीत के बाद भी मेयर पद पर सस्पेंस कायम है। इसी बीच, एकनाथ शिंदे गुट के 29 पार्षदों को होटल में बंद करने पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा-शिवसेना पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों दलों में सब सही होता तो पार्षदों को बंधकों की तरह क्यों रखा जाता?
आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में चतुर्वेदी ने शिंदे पर गद्दारी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिंदे ने अपनी पार्टी को धोखा दिया और चुनावी टिकट पैसे व सत्ता के लालच में बांटे। इसलिए 29 पार्षदों को होटल में कैद किया गया, क्योंकि शिंदे जानते हैं कि उनके लोग भाजपा की ओर झुक सकते हैं।
मेयर पद की लड़ाई में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन शिवसेना के बिना मेयर नहीं बना सकती। चतुर्वेदी ने कहा कि शिंदे का यह दांव भाजपा पर दबाव बनाने का है। महायुति को ‘महाझूठा’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह गठबंधन झूठ पर टिका है। महाराष्ट्र की सत्ता इसी तरह हथियाई गई और अब बीएमसी पर भी यही खेल चल रहा है। मुंबईवासियों का इनसे कोई सरोकार नहीं।
बांग्लादेश में राजनयिक परिवारों को वापस बुलाने पर चतुर्वेदी ने कहा कि वहां हत्याएं, मॉब लिंचिंग और हिंदू अल्पसंख्यकों पर खतरा बढ़ रहा है। भारत-विरोधी नफरत फैल रही है, इसलिए परिवारों की सुरक्षित वापसी जरूरी थी।