
पश्चिम बंगाल में फरक्का से चाकुलिया तक सड़क और रेल मार्गों पर भारी जाम ने यातायात को ठप कर दिया। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के कारण उत्पन्न यह अवरोध भाजपा के निशाने पर आ गया है, जो राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रही है।
बुधवार सुबह शुरू हुए इस हंगामे में ग्रामीणों ने प्रमुख राजमार्ग और रेल पटरियों पर अवरोधक लगाकर हाईवे जाम कर दिया। दर्जनों वाहन जाम में फंस गए, जबकि कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं। यात्रियों को घंटों भूखे-प्यासे रहना पड़ा, जिससे नाराजगी चरम पर पहुंच गई।
भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अराजकता का परिणाम है। प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार बुनियादी कानून व्यवस्था भी बनाए रखने में नाकाम रही है।
क्षेत्र में भूमि विवाद और विकास की मांग को लेकर बार-बार हो रहे प्रदर्शन राज्य के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। पुलिस ने बातचीत के बाद सड़कें खाली कराईं, लेकिन रेल सेवाएं अभी भी प्रभावित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना TMC की छवि को नुकसान पहुंचाएगी।
जनता अब त्वरित समाधान की मांग कर रही है, वरना और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है। भाजपा ने पूरे राज्य में आंदोलन की योजना बनाई है।