
पश्चिम बंगाल में खाड़ी क्षेत्र के तनाव से उत्पन्न एलपीजी आपूर्ति की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने गुरुवार को एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया। यह कदम प्रदेश भर में रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, स्टॉक की निगरानी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राज्य सचिवालय नबन्ना में राज्य एलपीजी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जो पूरे राज्य में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, भंडारण और परिवहन पर नजर रखेगा। यह केंद्र जिला प्रशासनों, वितरकों और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान करेगा।
कंट्रोल रूम में दो समर्पित हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रहेंगे, जहां लोग अपनी परेशानियां सीधे दर्ज करा सकेंगे। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति नियमित रूप से आपूर्ति की समीक्षा कर नीतिगत दिशा-निर्देश जारी करेगी।
इधर, कोलकाता पुलिस ने ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए शहरव्यापी निगरानी तेज कर दी है। सभी थानों को सिलेंडरों की आवाजाही पर कड़ी चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित कमी से निपटने को पुलिस बैरकों में इंडक्शन कुकटॉप और माइक्रोवेव का उपयोग शुरू किया जा रहा है।
यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एलपीजी डीलरों के साथ बैठक के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने केंद्र की 25 दिन की बुकिंग गैप नीति को संकट का जिम्मेदार ठहराया। गैस मूल्य वृद्धि के खिलाफ सोमवार को कोलकाता में मार्च का ऐलान भी किया।
वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के दौर में ये उपाय घर-घर रसोई गैस पहुंचाने की गारंटी देते हैं, पैनिक खरीदारी रोकते हैं।