
कोलकाता के विधायी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 का अंतरिम बजट 2 फरवरी को राज्य विधानसभा में वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। यह सत्र 31 जनवरी से प्रारंभ होकर 5 फरवरी को समाप्त होगा, जो बेहद संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण है।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने बुधवार को मीडिया को बताया कि यह सत्र राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। बजट में लक्ष्मी भंडार जैसी महिलाओं की सहायता योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान होगा या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
बजट पेश करने से पूर्व राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं बजट नहीं पढ़ेंगी। 2021 के चुनाव पूर्व पूर्ण बजट को याद करते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतरिम बजट भी राजनीतिक संदेश दे सकता है।
सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक की संभावना है। शीतकालीन सत्र के रद्द होने पर टीएमसी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर केंद्र के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।
इसलिए, यह बजट सत्र न केवल आंकड़ों का खेल होगा, बल्कि राजनीतिक घमासान का भी मैदान बनेगा। राज्य सरकार की योजनाओं और वित्तीय स्वास्थ्य पर रोशनी डालते हुए यह सत्र भविष्य की दिशा निर्धारित कर सकता है।