
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल मचाने वाली खबर आई है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस अप्रत्याशित कदम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरी नाराजगी जताई है और केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव डालने का आरोप लगाया है।
एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में ममता ने लिखा, ‘राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे की अचानक खबर से मैं स्तब्ध और बहुत व्यथित हूं। इसके पीछे के कारणों का पता नहीं, लेकिन मौजूदा हालात में विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए दबाव बनाना आश्चर्यजनक नहीं होगा।’
उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें आरएन रावी को नया गवर्नर बनाने की सूचना दी, लेकिन परंपरा के अनुसार सलाह नहीं ली। ‘यह संविधान की भावना के विरुद्ध है और संघीय ढांचे पर प्रहार करता है। केंद्र को सहकारी संघवाद का सम्मान करना चाहिए तथा एकतरफा निर्णयों से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।’
2022 से पद पर आनंद बोस के पास अभी डेढ़ साल बाकी थे। उनके कार्यकाल में विधेयकों पर देरी और प्रशासनिक विवाद प्रमुख रहे। यह इस्तीफा चुनावी माहौल में केंद्र-राज्य टकराव को नई ऊंचाई दे सकता है। टीएमसी इसे बीजेपी की साजिश बता रही है, जबकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं।