
कोलकाता। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद रविवार को पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी होते ही राज्य सरकार ने सतर्कता बरतते हुए चार जिलों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित कर दिया। इन सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है।
मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया और कूच बिहार को संवेदनशील श्रेणी में डाला गया। ये जिले बांग्लादेश से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित हैं। उत्तरी बंगाल के मालदा व कूच बिहार तथा दक्षिणी बंगाल के मुर्शिदाबाद व नादिया में अल्पसंख्यक आबादी अधिक होने से पहले भी हलचल देखी गई है।
शनिवार दोपहर 2 बजे चारों अधिकारियों ने चार्ज संभाला। मालदा में अतिरिक्त डीजी (एटीएफ) अजय नंद को जिम्मेदारी दी गई, जिनकी सहायता राज्य एटीएफ व जिला पुलिस के अधिकारी करेंगे।
कूच बिहार में तटीय सुरक्षा डीआईजी सुनील कुमार यादव तैनात, आरएएफ व स्थानीय पुलिस के सहयोग से।
मुर्शिदाबाद में एचक्यू डीआईजी राशिद मुनीर खान, सीआईएफ के दो जवान व जिला पुलिस सहायक।
नादिया में यातायात आईजी गौरव शर्मा, दो जिला पुलिस अधिकारियों संग।
इसके साथ ही 240 केंद्रीय सशस्त्र बल कंपनियां शुक्रवार से पहुंचने लगीं, जो 1 मार्च से तैनाती लेंगी। इसमें सीआरपीएफ की 110, बीएसएफ 55, सीआईएसएफ 21, आईटीबीपी व एसएसबी 27-27 कंपनियां शामिल।
चुनाव घोषणा से पूर्व यह तैनाती सुरक्षा को मजबूत करेगी, जबकि 10 मार्च से 240 अन्य कंपनियां जुड़ेंगी। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने का यह व्यापक प्रयास है।