
वृंदावन के इस प्राचीन मंदिर में हर साल बसंत पंचमी के दिन एक अनोखा रहस्य खुलता है। एक ऐसा कमरा जो बाकी साल बंद रहता है, उसका द्वार खुलते ही देश-विदेश से आए भक्तों की आंखें चमक उठती हैं। यह दृश्य किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।
मंदिर का इतिहास श्रीकृष्ण की लीला स्थलों से जुड़ा है। परंपरा के अनुसार, यह कमरा संतों द्वारा बंद किया गया था ताकि पवित्र वस्तुएं सुरक्षित रहें। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की कृपा से यह खुलता है। सुबह के समय पुजारी विशेष चाबी से ताला खोलते हैं।
कमरे में प्राचीन मूर्तियां, तुलसी पत्रों पर लिखे श्लोक और चमत्कारी दीपक हैं। भक्त घंटों इंतजार करते हैं, दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। विदेशी श्रद्धालु योग और ध्यान के जरिए यहां पहुंचते हैं, अपनी यात्रा को अविस्मरणीय बताते हैं।
दर्शन के बाद कमरा फिर बंद हो जाता है। यह परंपरा वृंदावन की आध्यात्मिकता को जीवंत रखती है, जहां आस्था और रहस्य का संगम होता है। अगले बसंत पंचमी का इंतजार अब शुरू हो चुका है।