
अगरतला, 8 मार्च। त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में रविवार को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रों को उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने, नशे की लत से दूर रहने और प्रौद्योगिकी का जिम्मेदार उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं।
प्रौद्योगिकी की क्रांतिकारी भूमिका पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने युवाओं से इसका सकारात्मक और नैतिक प्रयोग करने को कहा, ताकि समाज व मानवता की उन्नति हो सके। त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए उन्होंने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दर्शन का उल्लेख किया और क्षेत्र के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।
केंद्र व राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने माता बाड़ी पर्यटन सर्किट का जिक्र किया। यह परियोजना त्रिपुरा को वैश्विक आध्यात्मिक व इको-टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करेगी, रोजगार सृजित करेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।
उत्तर-पूर्व को शेष भारत से जोड़ने में कनेक्टिविटी की महत्वपूर्णता बताते हुए उन्होंने पिछले दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेल, सड़क व हवाई संपर्क में आई प्रगति का उल्लेख किया। इससे क्षेत्रवासियों को एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से देश के अन्य भागों से जोड़ा गया है।
राष्ट्रसेवा के लिए समर्पण का आह्वान करते हुए उन्होंने भारत की विविधता में एकता पर जोर दिया। तमिल कवि सुब्रमण्यम भारतियार का उद्धरण देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक राष्ट्र का रक्षक है और सामूहिक एकता से देश ऊंचाइयों को छुएगा।
त्रिपुरा विश्वविद्यालय की प्रगति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्होंने शोध प्रकाशनों, वित्तीय परियोजनाओं व बौद्धिक संपदा प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र भवन व आवासीय परिसर का डिजिटल उद्घाटन भी किया। समारोह में राज्यपाल, कुलाधिपति इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, कुलपति श्यामल दास सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।