
नई दिल्ली। सेना दिवस के पावन अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके इस नमन ने पूरे देश में सैन्य सम्मान की लहर दौड़ा दी।
सेना मुख्यालय में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की एकता और अखंडता की अमर गाथा है। उन्होंने वीर जवानों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा, ‘ये शहादतें हमें प्रेरित करती हैं कि हम देशहित में सदैव तत्पर रहें।’ समारोह में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ पुष्पांजलि दी गई और अंत्येष्टि की धुन बजी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सभी सैनिकों को सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, ‘भारतीय सेना हमारी संप्रभुता का अभेद्य कवच है। आपके पराक्रम को नमन।’ उनका संदेश लाखों लोगों तक पहुंचा।
15 जनवरी का दिन इसलिए खास है क्योंकि 1949 में जनरल के.एम. कारियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी। देशभर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सैन्य प्रदर्शन आयोजित हुए। दिल्ली से लेकर बॉर्डर चौकियों तक उत्साह छाया रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सैनिकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों में सेना की भूमिका पर जोर दिया। ‘आपका समर्पण विकसित भारत का आधार है,’ उन्होंने कहा।
स्कूलों में विशेष सभाएं हुईं जहां बच्चों ने तिरंगे को नमन किया। वेटरन्स के कार्यक्रमों में पुरानी यादें ताजा हुईं। कैंट इलाकों में आतिशबाजी ने रात को रोशन किया।
सेना दिवस ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय सेना न केवल रक्षक है, बल्कि राष्ट्र की धड़कन भी। यह दिन जवानों और नागरिकों के बीच अटूट बंधन को मजबूत करता है।