
प्रसिद्ध व्यक्तित्व विनोद बंसल ने जिहादी मानसिकता से प्रभावित लोगों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। एक सार्वजनिक सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कट्टर विचारधाराएं देश की सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा हैं।
बंसल ने तर्क दिया कि इनके प्रति नरमी ही आगे बढ़ने का कारण बनती है। उन्होंने पुलिस और खुफिया एजेंसियों से शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने का आग्रह किया। हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने त्वरित न्यायिक कार्रवाई की मांग की।
समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी वकालत की, ताकि कट्टरकरण की जड़ें सूख जाएं। आलोचकों का कहना है कि इससे निर्दोष प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन बंसल ने विचारधारा और सच्चे धर्म के बीच भेद स्पष्ट किया।
चुनावी माहौल में उनकी बातें राजनीतिक बहस को नई दिशा दे सकती हैं। देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत ढांचे की मांग तेज हो गई है।