
गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुजरात को निवेश का केंद्र बना दिया। दर्जनों देशों से आए विदेशी प्रतिनिधियों ने निवेश के अरबों डॉलर के समझौते पर दस्तखत किए, जो राज्य की आर्थिक प्रगति को नई उड़ान देंगे।
इस बार 150 से अधिक देशों के मंत्रियों, सीईओ और राजनयिकों ने हिस्सा लिया। नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और तकनीक क्षेत्रों में बड़े निवेश की घोषणाएं हुईं। अफ्रीकी देश ने बंदरगाह विकास के लिए 5 अरब डॉलर का वादा किया, वहीं यूरोपीय कंपनियां सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने को उत्सुक दिखीं।
मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत भागीदारी और इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ हुई। सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन पर केंद्रित सत्रों ने गुणवत्ता निवेश को आकर्षित किया।
समिट से नौकरियों का सृजन, कौशल विकास और तकनीकी हस्तांतरण को बल मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में गुजरात की भूमिका और मजबूत हुई। यह समिट वैश्विक साझेदारियों का मजबूत आधार बनेगी।