
पश्चिम बंगाल की सियासत में उबाल मच गया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधी चोट की है। वीएचपी नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बंगाल को बांग्लादेश का हिस्सा बनाने की साजिश रच रही हैं, लेकिन यह कुत्सित प्रयास कभी सफल नहीं होगा।
कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता में वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूरजेंद्र जैन ने कहा कि TMC सरकार की ढुलमुल नीतियों से बांग्लादेशी घुसपैठिए बंगाल में बाढ़ की तरह आ रहे हैं। ‘हिंदू आबादी घट रही है, मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। संदेशखाली जैसी घटनाएं इसका प्रमाण हैं। केंद्र सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।’
वीएचपी ने पूरे बंगाल में आंदोलन की चेतावनी दी है। ‘बंगाल बचाओ अभियान’ के तहत धरने-प्रदर्शन होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आगामी चुनावों से पहले हिंदुत्व की लामबंदी का संकेत है।
ममता बनर्जी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन TMC कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर वीएचपी को निशाना बना रहे हैं। बंगाल सीमा विवाद और सांप्रदायिक तनाव के बीच यह टकराव राज्य की पहचान पर सवाल खड़ा कर रहा है। वीएचपी का यह रुख बंगाल के भविष्य को परिभाषित करने वाला साबित हो सकता है।