
वेरावल, गुजरात – सोमनाथ मंदिर के पवित्र परिसर में शनिवार को वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आगामी ‘शौर्य यात्रा’ के शुभारंभ से पहले आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन में कलाकारों का जोश देखने लायक था।
सूर्योदय के साथ ही मंदिर के पुजारी पारंपरिक वेशभूषा में ऋग्वेद के मंत्रों का गुणन करने लगे। ‘ॐ नमः शिवाय’ और अन्य वैदिक सूक्तों की ध्वनियां समुद्र की लहरों से टकराकर और भी प्रभावशाली हो गईं। देशभर से आए हजारों भक्तों ने इस आह्वान में सहभागिता की।
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मंच पर गुजरात की लोक कलाओं का अनूठा प्रदर्शन हुआ। गर्भा नृत्य, तलवारबाजी, और महाभारत-रामायण के वीर गाथाओं का पाठ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के चेहरों पर दिखा उत्साह यात्रा की सफलता का संकेत दे रहा था।
कल से शुरू हो रही शौर्य यात्रा भारतीय सेना के पराक्रम और मंदिर के गौरवशाली इतिहास को समर्पित है। 50 हजार से अधिक लोग इस जुलूस में शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक स्थलों से गुजरेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
‘यह केवल आयोजन नहीं, हमारी सांस्कृतिक चेतना का पुनरुद्धार है,’ अहमदाबाद से आए भक्त राजेश पटेल ने कहा। रात में दीप प्रज्वलन ने माहौल को और भव्य बना दिया।
सोमनाथ का यह संगम भारतीय एकता का प्रतीक है। प्रसारण के जरिए लाखों लोग इसकी प्रेरणा लेंगे।