
हल्द्वानी, उत्तराखंड – राज्य के हल्द्वानी में एक किसान की दर्दनाक आत्महत्या ने किसान समुदाय में सनसनी फैला दी है। परिजनों और किसान संगठनों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग तेज कर दी है। यह मामला भूमि विवाद, कर्ज के बोझ और फसल नुकसान से जुड़ा हुआ है, जो पहाड़ी इलाके की कृषि व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
मृतक रामेश चंद्र (52) नामक किसान को उनके घर में फंदे से लटका पाया गया। परिवार का दावा है कि बैंक लोन की अदायगी न होने और प्रभावशाली जमींदारों से भूमि विवाद ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय थाने में मामला दर्ज तो हो गया, लेकिन परिजन इसे सतही जांच बता रहे हैं।
सोमवार को हल्द्वानी कलेक्ट्रेट के बाहर सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सीबीआई जांच के साथ-साथ मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। ‘यह अकेला हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी का प्रतीक है,’ यूनियन के प्रवक्ता राजेंद्र सिंह ने कहा।
सरकार ने सफाई दी है कि मजिस्ट्रेट जांच चल रही है और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन ग्रामीणों का भरोसा सरकार पर कमजोर पड़ रहा है। राज्य में हाल के वर्षों में किसान आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी है, जो जलवायु परिवर्तन और आर्थिक दबावों से उपजी है।
मानसून नजदीक आते ही प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन और तेज हो सकता है। यह घटना उत्तराखंड के किसानों की बदहाली को उजागर करती है, जहां सुधारों की सख्त जरूरत है।