
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह पहल न केवल यूपी बल्कि पूरे भारत के चिकित्सा परिदृश्य को नया रूप देगी।
लखनऊ में आयोजित एक प्रमुख स्वास्थ्य समिट में बोलते हुए योगी ने आत्मनिर्भर मेडिकल इनोवेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवा और मेडटेक में देश का नेतृत्व करेगा।’ प्लान में अत्याधुनिक अस्पताल, रिसर्च सेंटर और बायोटेक पार्कों में भारी निवेश शामिल है।
राज्य वैश्विक मेडिकल कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करेगा। मेडिकल डिवाइस, फार्मा और डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशंस के लिए समर्पित जोन बनेंगे। विशाल आबादी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यूपी निवेश का केंद्र बनेगा।
अयोध्या को मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन और गोरखपुर में AIIMS का विस्तार प्रमुख योजनाएं हैं। योगी ने बताया कि ये प्रोजेक्ट लाखों नौकरियां पैदा करेंगे और विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराएंगे।
केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, स्किल डेवलपमेंट पर फोकस है। नर्स, टेक्नीशियन और रिसर्चर्स के लिए नए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होंगे। अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज के साथ पार्टनरशिप से टेलीमेडिसिन और जीनोमिक्स में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण स्वास्थ्य पहुंच की चुनौतियों का समाधान मोबाइल हेल्थ यूनिट, ड्रोन डिलीवरी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा। योगी ने कहा कि टेक्नोलॉजी खेल बदलने वाली होगी।
उद्योगपतियों ने स्वागत किया। एक प्रमुख कंपनी के एक्जीक्यूटिव ने कहा, ‘मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए गेम चेंजर।’ टैक्स छूट और आसान नियमों से यूपी इनोवेटर्स का स्वागत कर रहा है।
यह विजन यूपी को स्वास्थ्य और समृद्धि का नया गढ़ बना देगा।