
उत्तर प्रदेश एआई के दम पर स्वास्थ्य और इनोवेशन क्षेत्र में भारत का प्रमुख केंद्र बनने की राह पर अग्रसर है। राज्य सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को क्रांतिकारी रूप देने का ऐलान किया है।
इस पहल के तहत प्रदेश के सभी अस्पतालों में एआई आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स लगाए जाएंगे, जो बीमारियों का शुरुआती पता लगाकर मौतों को कम करेंगे। लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में एआई रिसर्च हब स्थापित हो रहे हैं, जहां ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ मिलकर टेलीमेडिसिन और पर्सनलाइज्ड दवाओं पर काम होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में एआई चैटबॉट्स हिंदी और स्थानीय बोलियों में 24×7 स्वास्थ्य सलाह देंगे। युवाओं के लिए स्किलिंग प्रोग्राम से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। डेटा प्राइवेसी और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों पर सख्त नीतियां बनाई जा रही हैं।
यह कदम यूपी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा और पूरे देश के लिए मॉडल बनेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का यह समावेशी उपयोग प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।