उत्तर प्रदेश सरकार ने अमोनिया गैस की कमी से उत्पन्न संकट को मात्र 24 घंटों में हल कर दिया, जिससे आलू उत्पादक किसानों और शीतगृह संचालकों को भारी राहत मिली। केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने लाखों टन आलू को नुकसान से बचा लिया।

लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उद्यान एवं कृषि मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शीतगृह मालिकों व किसानों का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण की दिशा में उठाए कदमों की प्रशंसा की। प्रदेश सरकार आलू भंडारण व विपणन को मजबूत बनाने के लिए कटिबद्ध है, ऐसा उन्होंने कहा।
ओडिशा के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीद का समझौता किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। लेकिन वैश्विक कारणों से अमोनिया की कमी ने संकट पैदा कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू हुई।
केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा व पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क कर आवश्यक निर्देश प्राप्त किए गए। 24 घंटे में गैस आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे भंडारित आलू सुरक्षित रहे।
मंत्री सिंह ने इसे विकसित भारत की ओर महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने केंद्रीय नेताओं व शीतगृह एसोसिएशन की तृप्ति सिंह के योगदान की सराहना की। यह सफलता समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
आलू क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करते हुए यह घटना कृषि संकट प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है। किसानों के बीच विश्वास बढ़ा है।
