
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी माह समाप्त होने तक उत्तर प्रदेश ने कर एवं गैर-कर राजस्व में 1,96,177 करोड़ रुपये का शानदार संग्रह किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बुलाई उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य के विकास की रफ्तार तय करती है।
वर्ष के लिए निर्धारित 2.95 लाख करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले यह उपलब्धि उल्लेखनीय है। राज्य करों (जीएसटी+वैट) का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ था, जिसमें 1.03 लाख करोड़ प्राप्त हुए—जीएसटी से 75,195 करोड़ और वैट से 28,575 करोड़। वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी 2.0, एआई जोखिम विश्लेषण, 1.59 लाख करदाताओं की जांच और 3,117 करोड़ की वसूली जैसे कदमों से अनुपालन मजबूत किया।
आबकारी विभाग ने 63,000 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 48,501 करोड़ जमा किए, जो पिछले साल से 13.2 प्रतिशत अधिक है। दुकान नवीनीकरण 93.75 प्रतिशत पहुंचा, मार्च में 9,050 करोड़ अतिरिक्त की उम्मीद। स्टाम्प एवं पंजीकरण ने 38,150 करोड़ में से 29,487 करोड़ अर्जित किया, यमुना एक्सप्रेसवे व अन्य परियोजनाओं पर नजर। परिवहन ने 14,000 करोड़ के लक्ष्य में 11,005 करोड़ हासिल किए।
भू-राजस्व व ऊर्जा से संयुक्त 3,414 करोड़ (12.6 प्रतिशत वृद्धि), खनन से 3,597 करोड़ (6,000 करोड़ लक्ष्य) प्राप्त हुए। सीएम ने पारदर्शिता व टीमवर्क पर जोर दिया, होली पर शराब तस्करी रोकने, भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण तेज करने व परिवहन सुधार के निर्देश दिए। यह राजस्व प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।