
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ थीम पर आधारित यह बजट पिछले वर्ष से 12.9 प्रतिशत अधिक है।
यह बजट राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल वातावरण और राजकोषीय अनुशासन का प्रतीक है। पूंजीगत व्यय पर 19.5 प्रतिशत का जोर आधारभूत संरचना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। शिक्षा को 12.4, स्वास्थ्य को 6 और कृषि को 9 प्रतिशत आवंटन मानव विकास पर केंद्रित है।
राजकोषीय घाटा 2.98 प्रतिशत पर नियंत्रित, 3 प्रतिशत सीमा के अनुरूप। कृषि में डीजल पंप को सोलर में बदलने को 637.84 करोड़, महिला किसानों के लिए एफपीओ फंड 150 करोड़, एग्री एक्सपोर्ट हब 245 करोड़। स्वच्छताकर्मियों को 16-20 हजार मासिक हस्तांतरण।
शिक्षकों-शिक्षामित्रों को कैशलेस स्वास्थ्य 357.84 करोड़, छात्राओं को फ्री नैपकिन 300 करोड़, एआई प्रमाणन 10 करोड़। उद्योग क्षेत्र में पटेल जोन 575 करोड़, ओडीओपी 75 करोड़, फिल्म सिटी। यूपी एआई मिशन को 225 करोड़।
महिलाओं के लिए उद्यमी कार्ड 200 करोड़, विपणन योजना 100 करोड़। स्वास्थ्य में एसजीपीजीआई 359 करोड़, कैंसर मिशन। ऋण-जीएसडीपी 23.1 प्रतिशत लक्ष्य। नई योजनाओं पर 43,565 करोड़। राजस्व अधिशेष 64,457 करोड़ से आत्मनिर्भरता। यह बजट यूपी को विकास की नई पटरी पर ले जा रहा है।
