
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से हरित प्रदेश के रूप में उभर रहा है। पिछले नौ वर्षों में राज्य में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं, जिससे वनाच्छादन में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023 इसकी पुष्टि करती है।
पिछले साल 9 जुलाई को एक ही दिन 37.21 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। रविवार को वाराणसी के सुजाबाद डोमरी में एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर काशीवासियों ने गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया। महापौर और नगर आयुक्त को प्रमाणपत्र सौंपा गया। यह 350 बीघा क्षेत्र का आधुनिक शहरी वन चीन के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने में सफल रहा।
योगी सरकार 2026 में 35 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी में है। बजट में सामाजिक वानिकी के लिए 800 करोड़, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ और प्रतिकारात्मक रोपण के लिए 189 करोड़ का प्रावधान है। 1-7 जुलाई 2025 में जन्मे 18,348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट और उनके माता-पिता को फलदार पौधे दिए गए।
2030 तक 15 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए वन विभाग ने 15,000 से अधिक गांवों में ग्रीन चौपाल गठित किए हैं। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में मासिक बैठकें हो रही हैं, जिसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित है। पीएम मोदी से प्रेरित यह अभियान जन आंदोलन बन चुका है।