
उत्तर प्रदेश में सियासी हंगामा मच गया है। राज्य सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विभाग को असंवेदनशील बताते हुए चेतावनी दी कि यदि विधायक की जान को खतरा हुआ तो जिम्मेदार ये संस्थाएं होंगी।
मंत्री सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बलिया के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के घर उनकी बेटी की शादी हुई थी। दो साल से ज्यादा समय से विधायक जीवन-मृत्यु के बीच जूझ रहे हैं। सभी कारोबार ठप हो चुके हैं, सारी कमाई इलाज पर खर्च हो रही है। वे आइसोलेशन में हैं और विधानसभा सत्र में एक घंटे भी नहीं आ सके।
सिंह ने कहा कि छापे के दौरान घर में नर्स या डॉक्टर को भी घुसने नहीं दिया जा रहा। ऐसी स्थिति में यदि कुछ बुरा होता है तो आयकर जैसी संस्थाएं इसका खामियाजा भुगतेंगी। उन्होंने अदालती मिसालें देते हुए कहा कि गंभीर मामलों में भी कोर्ट दया दिखाते हैं।
बुधवार को लखनऊ, सोनभद्र और बलिया के ठिकानों पर छापे पड़े। इस घटना ने विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। क्या ये छापेमारी राजनीतिक है या वाकई टैक्स चोरी की जांच? सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री का बयान सुर्खियों में है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला विधायी सत्र के बीच संवेदनशील हो गया है।