
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज के मझवार समुदाय को ओबीसी से हटाकर अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को तेज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह भाजपा का प्रमुख एजेंडा है और संविधान में मूल रूप से निषादों को एससी का दर्जा प्राप्त था, जिसे बाद में गलत तरीके से बदल दिया गया।
निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सांसद काल में इस मुद्दे को उठाने का जिक्र किया। सामाजिक न्याय मंत्री की सहमति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 26 जून 2025 की अधिसूचना में मझवार को क्रमांक 53 पर एससी सूची में दर्ज किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने भी इसे पुष्ट किया है।
1969 के सेक्शन मैनुअल के आधार पर एससी प्रमाणपत्र जारी करने और अतिरिक्त दस्तावेज न मांगने के निर्देश सरकार को देने की मांग की। कुछ लोगों पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए निषाद ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न हुई तो मझवार समाज सड़कों पर उतरेगा।
उनके पास 11 विधायक हैं और वे सभी को निषाद हितों के लिए आवाज बुलंद करने का निर्देश देंगे। दूसरी तरफ, केंद्रीय बजट 2026 पर पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वैश्विक संकट में भारत की प्रगति उल्लेखनीय है। मोदी जी ने डूबती अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।