
उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राओं के लिए सुरक्षित और प्रेरणादायी आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार से प्रतापगढ़, गाजियाबाद और अयोध्या में वार्डनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। यह पहल एनआईईपीए और केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित हो रही है।
उद्घाटन सत्र में शिक्षा मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी रामनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया। उन्होंने कहा कि केजीबीवी केवल स्कूल नहीं, बल्कि वंचित बालिकाओं के लिए अवसरों का केंद्र हैं। वार्डन इन छात्राओं के लिए सुरक्षा और संवेदनशीलता का प्रहरी हैं।
यह प्रशिक्षण वार्डनों के नेतृत्व, प्रबंधन और बाल संरक्षण कौशल को मजबूत करेगा। डॉ. सांत्वना मिश्रा और उनकी टीम प्रशिक्षण दे रही है। सत्रों में बालिका सुरक्षा, जीवन कौशल, परामर्श, छात्रावास प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
प्रशिक्षण बैचों में चल रहा है—9 से 13 मार्च तक पहला बैच, उसके बाद 16-20, 23-27 मार्च और 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक।全省 के जिलों से वार्डन शामिल हो रही हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक, इससे केजीबीवी सुरक्षित और सशक्त केंद्र बनेंगे, जहां बालिकाएं आत्मविश्वास से विकास करेंगी।